रविवार, 4 अक्टूबर 2009

अगर आप कला के प्रति जरा भी संवेदनशील है तो आप को हैरानी होगी इस रेखाचित्र को देख कर | हमारे एक मित्र है "विक्रम जी" ये रेखाचित्र उनके द्दारा तैयार किया गया एक सफल प्रयास है | रेखाए और पूरा संयोजन जैसे किसी कहानी की रुपरेखा तैयार कर रहे हो | मेरे द्दारा की गई प्रसंसा शायद कम होगी |

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